फरवरी 2025 में भारत में क्रेडिट कार्ड खर्च में जनवरी की तुलना में 9% की गिरावट आई, जो ₹1,672 अरब तक पहुंच गया। यह गिरावट उपभोक्ताओं के सतर्क रवैये को दर्शाती है, क्योंकि फरवरी में आमतौर पर खर्च कम होता है, जो कर योजना और त्योहारों की खरीदारी के अंत के कारण होता है। हालांकि साल-दर-साल खर्च में 12% की वृद्धि हुई, लेकिन यह 14 महीनों में सबसे धीमी वृद्धि थी। औसत लेन-देन की राशि भी थोड़ी कम हुई, यह दर्शाते हुए कि लोग अपने पैसे के साथ अधिक सावधान हैं। एचडीएफसी और एसबीआई जैसे प्रमुख बैंकों ने बाजार हिस्सेदारी हासिल की, लेकिन कुल मिलाकर क्रेडिट कार्ड बाजार में धीमी गति बनी हुई है। विश्लेषक आने वाले महीनों में खर्च में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।