भारत में, निवेशक लंप-सम निवेश से सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIPs) की ओर बढ़ रहे हैं, जो बाजार की अस्थिरता के बीच अनुशासित, दीर्घकालिक धन सृजन को प्राथमिकता देते हैं। यह प्रवृत्ति खुदरा निवेशकों के बीच बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। SIPs रुपये की औसत लागत और संयोजन के लाभ प्रदान करते हैं, जिससे ये लगातार बचत के लिए आकर्षक होते हैं। 2025 तक, SIPs इक्विटी म्यूचुअल फंड में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, जो निवेश व्यवहार में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है।