हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान, ऑनलाइन एक महत्वपूर्ण चुनौती उत्पन्न हुई—गलत जानकारी का तेजी से फैलना। जबकि तथ्य-जाँचकर्ता और सरकारी एजेंसियाँ झूठी खबरों से लड़ने में जुटी थीं, कई लोग जानकारी के लिए AI चैटबॉट्स जैसे Grok और Ask Perplexity का सहारा ले रहे थे। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ये चैटबॉट्स विश्वसनीय तथ्य-जाँचकर्ता नहीं हैं। ये गलत जानकारी उत्पन्न कर सकते हैं, पूर्वाग्रह दिखा सकते हैं और उनके डेटा स्रोतों में पारदर्शिता की कमी है। उपयोगकर्ताओं को सतर्क रहना चाहिए और जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।