अमेरिका ने ताइवान को 10 अरब डॉलर से अधिक का हथियारों का बड़ा पैकेज घोषित किया है, जिसमें मिसाइल और ड्रोन शामिल हैं, जो चीन के साथ तनाव बढ़ा सकता है। यह कदम अमेरिका की ताइवान की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बिक्री ताइवान की सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने के लिए है, हालांकि चीन इसका विरोध कर रहा है। यह हथियार बिक्री एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, खासकर भारत के लिए।