भारत और चीन ने हाल ही में अपने विवादित पश्चिमी सीमा पर तनाव कम करने के लिए नए सीमा वार्ताओं में भाग लिया। इन चर्चाओं का ध्यान संवेदनशील क्षेत्रों में संचार और सहयोग को बेहतर बनाने पर था। दोनों देशों ने गलतफहमियों से बचने और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। पूर्व संघर्षों के बावजूद, जैसे कि गलवान घाटी की झड़प, संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, और आर्थिक आपसी निर्भरता बढ़ रही है। अगले दौर की वार्ता इस साल के अंत में होने की उम्मीद है, जो द्विपक्षीय संबंधों में सुधार का संकेत देती है।