

भारत-केंद्रित फंडों में हाल ही में $1.8 अरब की बड़ी निकासी हुई है, जो जनवरी 2025 के बाद सबसे अधिक है। यह बदलाव चीन और हांगकांग में बड़े निवेश के चलते हो रहा है। प्रमुख निकासी ETF और सक्रिय फंडों से हुई हैं, जिससे बड़े भारतीय शेयरों पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उभरते बाजारों के बीच भारत के फंड प्रवाह सबसे कमजोर हैं। जबकि वैश्विक उच्च-उपज बांड फंडों में निवेश जारी है, उनकी गति धीमी हो गई है। निवेशकों को सतर्क रहने और विशेषज्ञों से सलाह लेने की सलाह दी गई है।