भारत अब महंगाई को मापने के तरीके में बदलाव करने जा रहा है, जिसमें अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स कंपनियों से सीधे मूल्य डेटा लिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य आधुनिक खरीदारी की आदतों को दर्शाना है, खासकर जब ऑनलाइन खर्च में वृद्धि हो रही है। सांख्यिकी मंत्रालय प्रमुख शहरों से कीमतें एकत्र कर रहा है ताकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) को समयानुकूल और प्रतिनिधिक बनाया जा सके। ई-कॉमर्स के बढ़ते हिस्से के साथ, ये बदलाव एक मजबूत महंगाई माप को सुनिश्चित करने का वादा करते हैं, जो वैश्विक प्रवृत्तियों के अनुरूप है।