यूएस प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल की आपूर्ति में गिरावट आई है, जिससे कम ज्ञात मध्यस्थ भारत में रूसी कच्चा तेल प्रदान करने लगे हैं। इन कंपनियों का भारत को तेल भेजने में हिस्सा नवंबर में 70% से घटकर दिसंबर में 17.4% पर आ गया है। हालांकि, नए खिलाड़ी जैसे रेडवुड ग्लोबल और अलगाफ मरीन अब मार्केट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सीधी खरीद में कमी आई है, लेकिन रूसी तेल की मांग मजबूत बनी हुई है।