हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत पर 126% सौर आयात शुल्क लगाने का निर्णय भारतीय सौर उद्योग और अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करता है। यह कदम भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आयातों में वृद्धि के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिन्हें चीनी सौर निर्माताओं के विकल्प के रूप में माना जा रहा है। जैसे ही भारतीय कंपनियों को अधिक आपूर्ति की समस्या का सामना करना पड़ता है, अमेरिकी सौर कंपनियों को बढ़ती परियोजना लागत का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी परिचालन जटिल हो जाती है। यह स्थिति भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के भविष्य को लेकर चिंताओं को बढ़ाती है।