दीपिका पादुकोण ने हाल ही में स्पिरिट और काल्की 2 फिल्मों से बाहर निकलने के बाद 8 घंटे की कार्य पारी की मांग को लेकर विवाद पर अपनी बात रखी। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जबकि पुरुष सुपरस्टार वर्षों से इस शेड्यूल का पालन कर रहे हैं, उनकी मांग पर आलोचना हो रही है। दीपिका ने भारतीय फिल्म उद्योग में अधिक संगठित दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसे वे अव्यवस्थित मानती हैं। उनका निर्णय अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को अपनी माँ की भूमिका के साथ संतुलित करने से प्रेरित है।