भारत में डिजिटल वित्त को अपनाते हुए, सोने और चांदी में पारंपरिक निवेश विकसित हो रहा है। परिवार भौतिक संपत्तियों से स्वर्ण और चांदी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में स्थानांतरित हो रहे हैं, जो इन धातुओं में निवेश करने का एक पारदर्शी और लागत-कुशल तरीका प्रदान करते हैं। गोल्ड ईटीएफ निवेश पोर्टफोलियो के लिए स्थिरता का काम करते हैं, जबकि सिल्वर ईटीएफ उद्योग की मांग का लाभ उठाते हैं, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और सतत ऊर्जा में। ईटीएफ की ओर यह बदलाव न केवल निवेश को सरल बनाता है, बल्कि भौतिक धातुओं से जुड़ी लागतों को भी कम करता है, जिससे ये आधुनिक निवेशकों के लिए आकर्षक बनते हैं।