ईशा देवोल ने हाल ही में ऑस्कर के इन मेमोरियम सेगमेंट पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं, जिसमें उनके पिता, धर्मेंद्र, को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र ने कभी मान्यता की खोज नहीं की, बल्कि प्रेम और दया को महत्व दिया। उनकी पत्नी, हेमा मालिनी, ने भी यही विचार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उनके प्रशंसकों का स्नेह पुरस्कारों से अधिक महत्वपूर्ण है। इस साल के ऑस्कर में लंबे ट्रिब्यूट सेगमेंट के बावजूद धर्मेंद्र का नाम शामिल नहीं किया गया।