दिल का दौरा और अम्लता (acidity) अक्सर एक-दूसरे के समान समझे जा सकते हैं, जिससे इलाज में देरी हो सकती है। डॉ. जीवितेश सतीजा बताते हैं कि छाती में असहजता जैसे लक्षण भ्रामक हो सकते हैं। अम्लता आमतौर पर भोजन के बाद होती है और एंटासिड से आराम मिलता है, जबकि दिल का दौरा बिना किसी पूर्व चेतावनी के हो सकता है और गतिविधि के साथ बढ़ता है। महत्वपूर्ण लक्षणों में दर्द का फैलना, सांस फूलना और पसीना आना शामिल हैं। इन लक्षणों की अनदेखी करना घातक हो सकता है। अंतर पहचानना आवश्यक है, क्योंकि समय पर हस्तक्षेप जीवन बचा सकता है।