दिल्ली उच्च न्यायालय ने जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकार मामले को यहां दायर करने के निर्णय पर सवाल उठाया। न्यायाधीश ने पूछा कि स्थानीय अदालतों का सहारा क्यों नहीं लिया गया। जुबिन के वकील ने कहा कि वे दिल्ली आए क्योंकि संबंधित प्राधिकरण वहां हैं, लेकिन अदालत ने इस तर्क को चुनौती दी। जुबिन का कहना है कि उनके नाम और छवि का दुरुपयोग किया गया है, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों और बौद्धिक संपदा का उल्लंघन है। मामले का निर्णय अभी बाकी है।