मुख्य आर्थिक सलाहकार व अनंत नागेश्वरन ने भारत के जीडीपी आंकड़ों की रक्षा की, यह कहते हुए कि आलोचकों की आवाज तब शांत होती है जब आंकड़े निराशाजनक होते हैं, लेकिन जब वे उम्मीदों से ऊपर जाते हैं, तो चिंताएं उठती हैं। उन्होंने आर्थिक मेट्रिक्स के संतुलित मूल्यांकन की आवश्यकता पर जोर दिया और यह आलोचना की कि भारत की विधियों पर सवाल उठाना विकसित देशों की विधियों की अनदेखी करने के समान है। नागेश्वरन ने कहा कि यदि आंकड़े सुसंगत और पारदर्शी हैं, तो आलोचनाएं भी निष्पक्ष होनी चाहिए।