जीएसटी परिषद की हालिया बैठक ने भारत के वस्तु एवं सेवाकर में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिसमें 5% और 18% के सरल दो-स्तरीय प्रणाली की ओर बढ़ा गया है। ये सुधार रोजमर्रा की वस्तुओं पर कर का बोझ कम करने के लिए हैं, जिससे आम आदमी, किसान और छोटे व्यवसायों को लाभ होगा। 22 सितंबर से, कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरें कम की जाएंगी, जिससे जीवन और व्यापार में आसानी होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उजागर की गई इस पहल से प्रक्रियाओं में सुधार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।