मार्च में, भारतीय शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली, जिसमें विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 18 महीने में सबसे अधिक फंड निकाले। इस उथल-पुथल ने निफ्टी 50 को तेजी से गिरा दिया, जो महामारी के बाद से इसकी सबसे खराब दो-सप्ताह की प्रदर्शन थी। इसके साथ ही, एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष का अचानक इस्तीफा देने से बाजार मूल्य में ₹69,000 करोड़ की भारी गिरावट आई। शेयर की कीमत 5.3% गिर गई, जिससे एनएसई और बीएसई पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ा असर पड़ा। निवेशक बैंक की भविष्य की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं।