मार्च में HDFC बैंक के लिए एक तूफान brewing हो रहा था, क्योंकि विदेशी निवेशकों ने पैसे निकाल लिए, जिससे बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई। Nifty 50 इंडेक्स ने लगभग दो वर्षों में अपनी सबसे खराब प्रदर्शन किया। यह उथल-पुथल चेयरमैन चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे से बढ़ गई, जिससे HDFC बैंक के मार्केट कैप में ₹69,000 करोड़ की भारी कमी आई। बैंक के शेयर 5.3% गिर गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी और भारी व्यापार गतिविधि हुई। यह स्थिति भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक चुनौतियों को दर्शाती है।