मार्च में, एचडीएफसी बैंक के खिलाफ एक तूफान खड़ा हुआ जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने रिकॉर्ड दर पर फंड निकाल लिए, जिसके कारण बाजार में बड़ी गिरावट आई। चेयरमैन चक्रवर्ती के इस्तीफे ने स्थिति को और बिगाड़ दिया, जिससे एचडीएफसी बैंक के शेयर 5.3% गिरकर ₹798.20 पर पहुंच गए, और इसका बाजार मूल्य ₹69,000 करोड़ कम हो गया। यह उथल-पुथल निफ्टी 50 को महामारी के बाद से सबसे खराब प्रदर्शन में ले आई। निवेशक सतर्क हैं, जो वैश्विक तनाव और घरेलू नेतृत्व में बदलाव के बीच बाजार की नाजुकता को दर्शाते हैं।