IDFC फर्स्ट बैंक को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा, जब इसकी शेयर कीमत 20% गिर गई। यह गिरावट चंडीगढ़ शाखा में ₹590 करोड़ के धोखाधड़ी लेन-देन के खुलासे के बाद हुई। हरियाणा सरकार ने तुरंत बैंक को राज्य के व्यापार से हटा दिया, जिससे बैंक की आंतरिक नियंत्रण पर गंभीर चिंताएँ उठ गईं। यह स्कैंडल न केवल निवेशक विश्वास पर प्रभाव डालता है, बल्कि बैंक ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और फोरेंसिक ऑडिट शुरू किया है। यह स्थिति वित्तीय संस्थानों में कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है।