नवंबर में भारत की जीएसटी संग्रहण 1.70 लाख करोड़ रुपये पर स्थिर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा बढ़ी है। जीएसटी 2.0 के तहत 375 से अधिक वस्तुओं पर दरों में कटौती के बावजूद, उपभोग में 15% की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दरों में कटौती ने आवश्यक क्षेत्रों जैसे एफएमसीजी और फार्मास्यूटिकल्स में खर्च को बढ़ावा दिया है। हालाँकि, जीएसटी संग्रहण में समग्र वृद्धि आने वाले महीनों में वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।