राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने कुछ शेयरों को ट्रेडिंग बैन में डाल दिया है क्योंकि उनके डेरिवेटिव अनुबंध बाजार सीमा के 95% से अधिक हो गए हैं। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स इस अवधि के दौरान केवल अपनी स्थिति को कम कर सकते हैं, बढ़ा नहीं सकते। इसके विपरीत, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने महत्वपूर्ण लाभ दिखाया, सेंसेक्स ने वैश्विक मंदी के बावजूद 1,300 से अधिक अंक बढ़ाए। अमेरिका ने भी भारत पर अतिरिक्त टैरिफ अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए हैं, जिससे व्यापार के लिए और अधिक जगह मिल गई है। यह स्थिति इस बात को उजागर करती है कि स्टॉक मार्केट कितना गतिशील है, जहां ट्रेडर्स को सूचित और सतर्क रहना चाहिए।