पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ, ने एक महिला पत्रकार के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आंख मारकर विवाद पैदा कर दिया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर आक्रोश को जन्म दिया, जब पत्रकार अबसा कोमल ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ आरोपों पर सवाल उठाया। यह असम्मानजनक व्यवहार सार्वजनिक संवाद में लिंग संवेदनशीलता और जवाबदेही के मुद्दों को उजागर करता है। यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक तनाव में सम्मानपूर्वक संवाद की कितनी आवश्यकता है।