प्रग्ननंदhaa ने नॉर्वे शतरंज खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है, जो भारतीय शतरंज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जब उन्हें एहसास हुआ कि जीत निकट है, तो उन्हें भारी तनाव महसूस हुआ, लेकिन वह शांत और संयमित रहे। गुकेश को हराने के बाद, उन्होंने प्रतियोगिता में नीचे से उठकर शीर्ष पर पहुंचने का जिक्र किया। यह युवा शतरंज प्रतिभा पूरे भारत को प्रेरित करती है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।