भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ाने के लिए 2,90,000 करोड़ रुपये ($32 बिलियन) का निवेश करने जा रहा है। यह सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और डॉलर-रुपये स्वैप नीलामी के माध्यम से अगले महीने किया जाएगा। आरबीआई की रणनीति का उद्देश्य ब्याज दरों को कम करना है, जिससे व्यवसायों और घरों के लिए धन उपलब्ध हो सके। यह कदम आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और निवेश का समर्थन करने की अपेक्षा की जाती है, जिससे समग्र अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।