

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति अगस्त में वैश्विक व्यापार तनाव और घटती महंगाई के बीच बैठक कर रही है। विश्लेषकों का मानना है कि वे 'निष्क्रियता' का रुख अपनाएंगे, क्योंकि पहले की कटौतियाँ की जा चुकी हैं। महंगाई अनुमान नीचे की ओर संशोधित होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि RBI को अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ लोग अक्टूबर में अंतिम दर कटौती की भविष्यवाणी कर रहे हैं, लेकिन व्यापार नीतियों और बाहरी दबावों के कारण RBI का रुख सतर्क रह सकता है। समग्र महंगाई की स्थिति अनुकूल बनी हुई है।