भारतीय रुपया RBI के अगले कदमों का इंतज़ार कर रहा है। हाल ही में डॉलर की बिक्री के बाद रुपया 90.38 पर स्थिर हुआ है। RBI की हस्तक्षेप ने अस्थायी रूप से मजबूती दी है, लेकिन निरंतर कार्रवाई के बिना रुपया फिर गिर सकता है। आयातकों को भविष्य में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए इस अवसर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इस बीच, वैश्विक बाजार के रुझान, विशेषकर तकनीकी क्षेत्र में, रुपया की स्थिरता पर दबाव डाल रहे हैं।