भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर को 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है, जो देश की आर्थिक स्थिति में विश्वास को दर्शाता है। यह निर्णय भारत, अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच महत्वपूर्ण व्यापार समझौतों के बाद आया है, जो व्यापार और निवेश को बढ़ाने की उम्मीद करता है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ये विकास भारत की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत हैं, जो आगे की सकारात्मक दिशा को इंगित करते हैं।