रिलायंस मेटा और गूगल को जियो प्लेटफार्म्स आईपीओ में केवल 8% हिस्सेदारी बेचने के लिए कह रहा है। यह भारत में एक सामान्य रणनीति है, जहां कंपनियाँ नए फंड नहीं जुटातीं और मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर सार्वजनिक और अन्य निवेशकों को बेचते हैं। यह कदम जियो की स्थिरता बनाए रखते हुए निवेशकों को वृद्धि में भाग लेने की अनुमति देता है। अपेक्षित आईपीओ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बढ़ती रुचि को दर्शाता है।