SEBI ने आईपीओ में खुदरा कोटा 35% बनाए रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो पहले 25% करने की योजना को उलटता है। यह छोटे निवेशकों को आश्वस्त करता है और उनके संरक्षण के प्रति SEBI की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े कंपनियां कम पतला होकर बाजार में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे सार्वजनिक पेशकशों में अधिक कुशलता आती है। वर्तमान नियमों के समर्थन से खुदरा निवेश में विश्वास बढ़ता है, जिससे भविष्य में बड़े आईपीओ के लिए रास्ता साफ होता है और बाजार की स्थिरता बढ़ती है।