हाल की हलचल टाटा ट्रस्ट्स के भीतर बोर्ड नामांकनों पर आंतरिक मतभेद को उजागर करती है। मेहली मिस्त्री के जाने के बावजूद, एक वरिष्ठ टाटा निदेशक ने स्वीकार किया कि 11 सितंबर की बैठक खराब तरीके से आयोजित की गई, जिससे unwanted मीडिया कवरेज और सरकारी जांच हुई। इस बैठक में विजय सिंह की टाटा संस बोर्ड में फिर से नियुक्ति रोकी गई। यह घटना टाटा समूह के नेतृत्व और सहमति पर सवाल उठाती है, जो इसके गौरवमयी इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है।