हाल ही में TCS दरों में कमी भारत में कई लोगों के लिए एक स्वागत योग्य बदलाव है। पहले, TCS खर्च पर लागू होता था, नाकि आय पर, जिससे परिवारों पर बोझ बढ़ता था, खासकर जब वे विदेश में तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता में होते थे। इससे यात्रा की लागत बढ़ गई, और परिवारों को आवश्यक यात्रा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उदाहरण के लिए, ₹12 लाख की छुट्टी पर ₹2.4 लाख TCS लग सकता था। नई दरें वित्तीय बोझ को कम करने का लक्ष्य रखती हैं, जिससे कठिन समय में भारतीय परिवारों के लिए यात्रा और चिकित्सा खर्च अधिक प्रबंधनीय हो सके।