27 साल के बेंगलुरु के उद्यमी मेहुल ने भारतीय सिस्टम से थककर दुबई जाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि उनका यह निर्णय वित्तीय कारणों से नहीं था, भले ही दुबई की बिना आयकर और आधुनिक जीवनशैली आकर्षक हो। हाल ही में, मेहुल ने अपने स्टार्टअप फर्मियन को एक चेन्नई कंपनी को बेचा। वह अब कुछ समय आराम करने और नए अवसरों को तलाशने की योजना बना रहे हैं। उनकी कहानी दिखाती है कि युवा पेशेवर बेहतर कार्य-जीवन संतुलन और अवसरों की खोज में विदेश की ओर बढ़ रहे हैं।