हाल ही में तिरुवनंतपुरम में अट्टुकाल Pongala महोत्सव के दौरान, अन्ना राजन को बिना उनकी सहमति के वीडियो के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। पारंपरिक कासवु साड़ी में वे समारोह में भाग ले रही थीं, लेकिन लोग उनकी उपस्थिति की आलोचना कर रहे थे। माफी मांगने के बाद, अभिनेता माधव ने उस मीडिया की भूमिका पर जोर दिया जो महिलाओं को कमजोर क्षणों में वस्तुवादी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। यह स्थिति भारत में महिलाओं के अधिकारों और मीडिया नैतिकता पर ध्यान आकर्षित करती है।