भारतीय फुटबॉल एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, ऐसा कहना है एआईएफएफ के पूर्व महासचिव शाजी प्रभाकरण का। 'विजन 2047: द इंडियन फुटबॉल स्ट्रेटेजिक रोडमैप' के अनावरण के साथ, खेल में विकास की उम्मीदें बढ़ी थीं। हालांकि, प्रगति धीमी रही है, और देश में सुनील छेत्री जैसे स्टार खिलाड़ियों की कमी है। प्रभाकरण का कहना है कि घरेलू प्रतिभा और बेहतर बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है ताकि भारतीय फुटबॉल को नए स्तरों तक पहुंचाया जा सके और यह वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा कर सके।