दिल्ली के एक B&B में हुई भयानक आग ने 21 जिंदगियों का नुकसान किया, जो सुरक्षा में गंभीर खामियों को उजागर करता है। इस प्रतिष्ठान को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन यह 25 कमरों का संचालन कर रहा था। यह घटना शहर के अग्नि सुरक्षा नियमों पर सवाल उठाती है, जिन्हें हाल के कुछ भड़काऊ मामलों के बाद पहले ही आलोचना का सामना करना पड़ा है। जैसे विवेक अग्रवाल जैसे पीड़ित, जो अपने बीमार पिता के करीब रहने के लिए कमरे किराए पर लिए थे, हमें नियामक विफलताओं की मानव लागत की याद दिलाते हैं। सुरक्षा उपायों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है।