ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे शेयर बाजार और रुपये की स्थिति पर असर पड़ रहा है। ब्रेंट क्रूड के दाम $101 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं, जिससे भारत का तेल आयात महंगा हो गया है और महंगाई 5.5% तक पहुंच सकती है। इस स्थिति ने सरकारी ऋण बाजार में बड़ी बिक्री को जन्म दिया है और विदेशी निवेशकों ने एक महीने में भारतीय शेयरों से लगभग $5 अरब निकाल लिए हैं।