मैट शूमर का निबंध "कुछ बड़ा हो रहा है" एआई के तेजी से विकास पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है, जिसे तूफान से पहले की शांति के रूप में तुलना की गई है। कुछ पाठक उसकी चिंताओं से सहमत हैं जबकि अन्य उसे जोखिमों को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने का आरोप लगाते हैं। उनका दृष्टिकोण सार्वजनिक समझ और एआई की क्षमताओं के बीच के अंतर पर जोर देता है, और हमें अधिक सूचित और तैयार रहने के लिए प्रेरित करता है। भारत में, जब हम तकनीकी प्रगति को अपनाते हैं, शूमर की अंतर्दृष्टियाँ हमारे समाज में एआई के नैतिक पहलुओं और भविष्य पर महत्वपूर्ण चर्चा को प्रेरित करती हैं।