हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई, का संबंध पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से है। यह हमला इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) द्वारा अंजाम दिया गया था, जिसमें स्थानीय आतंकवादियों की भागीदारी को सीमित करने के लिए विदेशियों को लक्ष्य बनाया गया। इस हमले का नेतृत्व एक पूर्व पाकिस्तानी कमांडो सुलेमान ने किया, जिसने जम्मू में घुसपैठ की थी। यह घटना भारत में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाती है और सीमा पार आतंकवाद के खतरे को उजागर करती है।