जैसे-जैसे एआई प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, इसके समाज पर प्रभाव से चिंताएँ बढ़ रही हैं। यह नवाचार का वादा करता है, लेकिन नौकरी में कमी और डेटा केंद्रों से ऊर्जा की विशाल खपत का कारण भी बनता है। भारत में, जहाँ लाखों लोग पारंपरिक नौकरियों पर निर्भर हैं, एआई की ओर यह बदलाव बेरोज़गारी को बढ़ा सकता है। अमेरिका में डेटा केंद्रों की ऊर्जा खपत में पारदर्शिता के लिए हाल ही में उठाई गई आवाज़ें इन मुद्दों के प्रति जागरूकता को दर्शाती हैं।