बाबा आदव, 95 वर्षीय समाजवादी नेता, का निधन हो गया, जो वंचितों के लिए लड़ाई लड़ने का एक अद्वितीय उदाहरण थे। अपने किशोरावस्था से ही, उन्होंने महात्मा गांधी से प्रेरणा ली और अपने जीवन को ऑटो-रिक्शा चालकों और हमालों जैसे श्रमिकों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। आदव ने गोवा मुक्ति आंदोलन समेत कई आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 93 वर्ष की आयु में भी, वे सक्रिय रूप से समुदाय के साथ जुड़े रहे। उनके योगदान को राजनीतिक नेताओं ने मान्यता दी है, जो उन्हें भारत में आशा का प्रतीक बनाते हैं।