दिल्ली की भयानक वायु प्रदूषण अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है, खासकर बच्चों के लिए। डॉ. हर्ष वर्धन पुरी, एक छाती सर्जन, बताते हैं कि दिल्ली के 30% बच्चे सीमांत अस्थमाग्रस्त हैं, और श्वसन समस्याएँ बचपन में और इससे पहले भी शुरू हो रही हैं। यह प्रदूषण फेफड़ों के विकास को बाधित करता है, जिससे जीवनभर की स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं। डॉ. पुरी इस स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हैं, क्योंकि प्रदूषण के परिणाम एक पूरी पीढ़ी के स्वास्थ्य को आकार देंगे। हमारी बच्चों के फेफड़ों की रक्षा के लिए तुरंत कार्रवाई आवश्यक है।