फेफड़ों का कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं रह गया है, क्योंकि अधिक गैर-धूम्रपान करने वालों का निदान किया जा रहा है, खासकर युवा व महिलाएं। शहरी प्रदूषण और इनडोर वायु गुणवत्ता समस्याएं महत्वपूर्ण कारक हैं, और कई लोग अनजान हैं कि उनके दैनिक वातावरण हानिकारक हैं। लगातार खांसी या थकान जैसे लक्षण अक्सर मामूली समस्याओं के रूप में गलत समझे जाते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और सीटी स्कैन के माध्यम से जल्दी पहचान महत्वपूर्ण है। हर कोई वायु गुणवत्ता और फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए छोटे कदम उठा सकता है, जिससे जागरूकता और सक्रियता इस बढ़ते मुद्दे से निपटने में महत्वपूर्ण हो जाती है।