फेफड़ों का कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं है; कई गैर-धूम्रपान करने वालों का भी निदान हो रहा है। एचसीजी कैंसर सेंटर के डॉ. नंदिश कुमार जीवंगी का कहना है कि दुनियाभर में फेफड़ों के कैंसर के एक में से पांच मामले गैर-धूम्रपान करने वालों में होते हैं, जिसमें युवा वयस्क और महिलाएं अधिक जोखिम में हैं। शहरी प्रदूषण और खराब इनडोर एयर क्वालिटी इस प्रवृत्ति में काफी योगदान देते हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और लक्षणों के प्रति जागरूकता महत्वपूर्ण है। स्वस्थ फेफड़ों के लिए सरल जीवनशैली में बदलाव जरूरी हैं।