मध्य पूर्व में चल रहे तनावों का वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के कई दिनों तक बंद रहने के कारण तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं और इराक के रुमाेला तेल क्षेत्र में उत्पादन में काफी कमी आई है। इरानी ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरामको ने भी अपने रास तानुरा रिफाइनरी को बंद कर दिया है, और कतर का एलएनजी टर्मिनल बंद होने से यूरोप में गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। इन घटनाक्रमों के दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं, खासकर उन देशों के लिए जो ऊर्जा के आयात पर निर्भर हैं, जैसे भारत।