गोल्डमैन सैक्स के सीईओ डेविड सोलोमन के हालिया बयान से पता चलता है कि ईरान युद्ध का वैश्विक शेयर बाजार पर अप्रत्याशित प्रभाव पड़ा है। एस एंड पी 500 सूचकांक में थोड़ी गिरावट आई है, जो मुख्य रूप से तकनीकी शेयरों से संबंधित है। हालाँकि, मुख्य चिंता तेल की कीमतें हैं, विशेष रूप से जब होर्मुज जलडमरूमध्य खतरे में है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत $82 प्रति बैरल के पार जा चुकी है, जो 2020 के बाद की सबसे बड़ी वृद्धि है। यह स्थिति भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखती है।