पैंक्रियाटिक कैंसर भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो अक्सर मिथकों से ढकी रहती है, जो जल्दी पहचान में बाधा डालती है। कई लोग मानते हैं कि यह केवल वृद्ध लोगों को प्रभावित करता है, लेकिन यह कैंसर 25 वर्ष की आयु के लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। पेट में दर्द और जॉन्डिस जैसे चेतावनी संकेत होते हैं, लेकिन लक्षण कभी-कभी सूक्ष्म होते हैं। विशेषज्ञ जागरूकता और समय पर स्क्रीनिंग के महत्व पर जोर देते हैं। गलतफहमियों को दूर करना आवश्यक है, जैसे कि यह बीमारी संक्रामक है। तथ्यों को समझने से बेहतर परिणाम और उच्च जीवित रहने की दर मिल सकती है।