पियूष पांडे, प्रसिद्ध विज्ञापनकर्ता, जो 70 वर्ष की आयु में निधन हो गए, केवल एक रचनात्मक प्रतिभा ही नहीं थे, बल्कि क्रिकेट के प्रति भी उनके मन में गहरी रुचि थी। उनके करीबी दोस्त और पूर्व टेस्ट ओपनर अरुण लाल पांडे की मजेदार शख्सियत और आक्रामक बल्लेबाज के रूप में उनके संभावित योगदान को याद करते हैं। स्कूल के दिनों से लेकर प्रभावशाली विज्ञापन अभियानों तक, पांडे की यात्रा humor और हिंदी का अद्वितीय मिश्रण थी। उनका विज्ञापन और क्रिकेट पर प्रभाव उन्हें भारतीय संस्कृति में एक अमिट छाप छोड़ने वाला व्यक्ति बनाता है।