नए अध्ययन बताते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों की प्रजनन क्षमता महिलाओं की तुलना में तेजी से घटती है। शोध से पता चलता है कि समय के साथ शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती है, जिससे आनुवंशिक त्रुटियों और गर्भधारणाओं में जटिलताएँ बढ़ती हैं। इसके विपरीत, महिलाओं के अंडों में एक सुरक्षा तंत्र होता है जो उनकी गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखता है। यह नया ज्ञान प्रजनन स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली कारकों के महत्व को उजागर करता है।