जहरीली वायु प्रदूषण अक्सर लंग्स की समस्या के रूप में देखा जाता है, लेकिन बच्चों के मस्तिष्क के विकास पर इसका प्रभाव गंभीर है। डॉ. अर्पना बंसल के अनुसार, वायु प्रदूषण संज्ञानात्मक कौशल, ध्यान और सीखने की क्षमताओं को बाधित कर सकता है। बच्चे अपने आकार के हिसाब से अधिक वायु लेते हैं, जिससे वे हानिकारक कणों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। इससे ध्यान, स्मृति और भाषा विकास में समस्याएँ हो सकती हैं। जबकि साफ़ हवा आवश्यक है, परिवार अभी भी बच्चों को प्रदूषण के प्रभाव से बचाने के लिए कदम उठा सकते हैं।